भारत का कोई भी कानून लागू नहीं होता || Malana village || Himachal Pradesh 🇮🇳
Reality of Malana Village of Himachal Pradesh | क्या है मलाणा गाँव का रहस्य || Vlog
हेलो एवरीवन गुड मॉर्निंग स्वागत है आपका और एक नए ब्लॉग पे एंड आज का ये ब्लॉग जो है यह बहुत ही अजीबो गरीब होने वाला है क्योंकि आज हम ऐसे गांव में जा रहे हैं जहां पे भारत का कोई भी कानून लागू नहीं होता और यहां का जो गांव वाले लोग हैं वो खुद को डेमोक्रेटिक मानते हैं मतलब इंडिया का हिस्सा नहीं मानते और वहां पे चाइनीज और ती बतीन लैंग्वेज भी बोला जाता है .
आज का ये ब्लॉग में बने रहना एंड तक आज आपको पूरा का पूरा हम दिखाएंगे एंड उस विलेज का नाम है मलाना तो चलके देखते हैं वहां पे लाइक वीड वगैरह का बहुत बिजनेस वगैरह किया जाता है तो जाके देखते हैं वहां पर रियलिटी क्या है

हम मलाना की ओर बढ़ रहे हैं, और आज हमें एक और लिफ्ट मिली है। इस पिकअप ट्रक की वजह से हमारा सफर आसान हो गया है। रास्ता काफी ऊबड़-खाबड़ है और बैग काफी भारी हो गया था। हमने बैग यहाँ स्नो व्यू कैफे एंड रेस्टोरेंट पर छोड़ दिया है। धन्यवाद, भाई! इस स्थान का एक नंबर भी है। अब हमें यहाँ से 12 किलोमीटर पैदल चलना है और धूप भी तेज है। हमने लगभग दो किलोमीटर चल लिया है लेकिन कोई गाड़ी नहीं मिल रही। यह रास्ता काफी सुनसान है और किसी प्रकार का कोई आना-जाना नहीं है।
थकावट और सहायक लोग
जैसे-जैसे हम दूर चलने लगे, प्यास भी बढ़ती जा रही थी। एक स्थान पर रुके और पानी पीने लगे। यहाँ पर कुछ प्यारे-प्यारे पहाड़ी कुत्ते भी हमारे साथ आ गए। लिफ्ट मिलने में बहुत मुश्किल हो रही है, और समय 2 बजने को है। अब हमें और 9 किलोमीटर चलना है, और कोई गाड़ी नहीं मिल रही। यहाँ टूरिस्ट की गाड़ियाँ आ रही हैं, लेकिन वे हमें लिफ्ट नहीं दे रही हैं। हमने एक वाहन से लिफ्ट की मदद मांगी, और गौतम भाई ने हमें लिफ्ट दी। उनका बहुत-बहुत धन्यवाद!
मलाना की ओर
हम मलाना के बिल्कुल पास पहुँच चुके हैं और यहाँ से बस एक किलोमीटर बाकी है। रास्ते में एक टनल है जिसमें अंधेरा है। अभी हमें ट्रैक करके जाना होगा क्योंकि रास्ता काफी खतरनाक है और ट्रक फंसी हुई है। मलाना पहुँचने के लिए यही एकमात्र रास्ता है और आगे चलकर पार्वती नदी से मिलता है।
मलाना का अद्वितीय रूप
मलाना एक बहुत ही प्राचीन गांव है जो कुल्लू वैली के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित है। यहाँ के नियम भारत के किसी भी अन्य गांव से बिलकुल अलग हैं। यहाँ भारत के किसी भी कानून का पालन नहीं होता और यहाँ की व्यवस्था पूरी तरह से स्थानीय है। इस गांव में सामान ले जाने के लिए खच्चर का उपयोग किया जाता है। न तो गाड़ी और न ही बाइक यहाँ पर चल सकती है। केवल पैदल या खच्चर से ही यहाँ आया जा सकता है।
मलाना की अनोखी संस्कृति
मलाना में चरस और गांजा की खेती प्रमुख है, और यह गांव इस पर निर्भर करता है। यहाँ का प्रमुख देवता जमदग्नि ऋषि है। गाँव में आने के लिए कड़े नियम हैं जैसे कि मंदिर को छूना मना है और अगर गलती से छू लिया तो जुर्माना लगता है।

स्थानीय आकर्षण: मलाना में देखे जाने वाले स्थान
मंदिर और ऐतिहासिक स्थल
जमदग्नि ऋषि मंदिर: यह प्रतिष्ठित मंदिर मलाना के आध्यात्मिक जीवन का एक प्रमुख केंद्र है। ध्यान दें कि मंदिर को छूना स्थानीय नियमों के खिलाफ है, और इसे दुर्भाग्य लाने का मान्यता है।
पारंपरिक वास्तुकला: गांव की अनूठी वास्तुकला का अन्वेषण करें, जिसमें लकड़ी के घर और पारंपरिक पत्थर की संरचनाएँ शामिल हैं।
प्राकृतिक सौंदर्य
दृश्य ट्रेक: आसपास के परिदृश्य आश्चर्यजनक ट्रेक्स की पेशकश करते हैं। मार्ग हरे-भरे जंगलों और पार्वती नदी के किनारे से होकर गुजरते हैं, जो शानदार दृश्य और प्रकृति के साथ जुड़ने का मौका प्रदान करते हैं।
स्थानीय वनस्पति: गांव की पारंपरिक फसलों और औषधीय पौधों को देखना न भूलें, जो स्थानीय प्रथाओं के लिए महत्वपूर्ण हैं।
यात्रा सुझाव: अपनी यात्रा को अधिकतम बनाना
स्थानीय रीतियों का सम्मान करें: स्थानीय रीतियों और नियमों को समझना और पालन करना आपकी यात्रा को सम्मानजनक और सुखद बनाएगा। हमेशा तस्वीरें लेने या निजी क्षेत्रों में प्रवेश करने से पहले अनुमति प्राप्त करें।
मौसम की स्थिति: मलाना का मौसम काफी परिवर्तनीय हो सकता है। गर्म दिनों और ठंडी रातों के लिए उपयुक्त वस्त्र पैक करें। सर्दियों में क्षेत्र में बर्फबारी हो सकती है, इसलिए ठंडे मौसम के लिए तैयार रहें।
स्वास्थ्य और सुरक्षा: आवश्यक दवाएँ ले जाएँ और खाद्य और जल स्वच्छता के बारे में सतर्क रहें ताकि सामान्य यात्रा संबंधी बीमारियों से बचा जा सके। किसी भी यात्रा प्रतिबंधों या स्वास्थ्य चेतावनियों के लिए स्थानीय सलाहों की जांच करना भी बुद्धिमानी है।
स्थानीय जीवन
गांव के लोग बाहरी लोगों से सामान का लेन-देन इस प्रकार करते हैं कि पैसे नीचे रखे जाते हैं और सामान ऊपर से दिया जाता है। यहाँ पर कोई भी बाहरी व्यक्ति मंदिर या अन्य पवित्र स्थानों को छू नहीं सकता। अगर कोई गलती से छू देता है, तो उसे जुर्माना भरना पड़ता है।
वर्तमान समस्याएं
यहाँ पर सड़क, पानी और बिजली की समस्याएं हैं। गांव के लोग भी चाहते हैं कि सड़क बने, लेकिन इसके लिए कोई कदम नहीं उठाए जाते।
निष्कर्ष
मलाना एक अद्वितीय जगह है, जहाँ की संस्कृति, कानून और जीवनशैली भारतीय मुख्यधारा से बहुत अलग है। यहाँ पर आने का अनुभव बहुत ही अनूठा है और यह एक विशेष यात्रा है जो आपकी सोच को बदल सकती है। जय हिंद
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